खूब चुदवाई मेरी पड़ोसन जब पति घर पे नहीं था

हेलो फ्रेंड आज मैं आपसे अपने ज़िंदगी का एक खूबसूरत लम्हा शेयर कर रहा हु, आशा करता हु, की आपको बहुत मजा आएगा, मैं भी पूरी कोशिश करूँगा की जो जो हुआ था उस दिन आपको वैसा ही वर्णन कर सकु. ये मेरी पहली कहानी है जो की मैं नॉनवेज डॉट कॉम पे लिख रहा हु.

मेरा नाम रोहित है. दिल्ली में रहता हु, अभी मैं इंजीनियरिंग कर रहा हु, मेरे फ्लैट के के बगल में एक कपल रहता है, वो दोनों इलाहबाद का रहने बाला है मैं उन को भाभी और भैया कहता हु, उनके हस्बैंड मुझे रोहित जी और उनकी वाइफ मुझे रोहित भैया कहती है, काफी अच्छे इंसान है, मेरी उन दोनों से काफी बनती है, हम तीनो काफी एन्जॉय करते है,

भाभी की उम्र करीब २६ साल की है, बड़ी ही मदमस्त है वो, बूब टाइट ना तो ज्यादा बड़ा ना तो ज्यादा छोटा, चूतड़ उभरा हुआ जांघे मोती मोती, जब वो साडी पहनती है तो पेट और नेवल ऐसा दीखता है है की मैं नेवल में ही लंड घुसा दू, आप यकीं ना करेंगे मैंने कई बार मूठ मार उनके पेट और नेवल को सोच के, बाकी चीज के बारे में सोचता हु तो मेरा लंड तुरंत ही खड़ा हो जाता है, क्या करूंग चीज ही ऐसी है.

एक दिन भाभी पूछने लगी क्या बात है रोहित भैया आज कल बड़े डोले सोले बना रहे हो? जिम ज्वाइन किया क्या मैंने कहा हां भाभी जिम जा रहा हु, क्यों की कोई लड़कियां देखती ही नहीं है इस वजह से थोड़ा अपने आप को चेंज कर रहा हु, तो भाभी बोल उठी पटाने का तरीका होना चाहिए पट तो कोई भी सकती है, और किसी को भी पटा सकते हो, तो मैंने मजाक से कह दिया की क्या आप भी पट सकते हो? तो बोली हां क्यों नहीं, बस क्या था उस दिन तो मजाक मजाक में सारे बात हो गया.

उस दिन के बाद से वो जब भी मिलती आते जाते जब उनका हसबैंड नहीं होता तो मैं कह देता भाभी डेट पे चलोगी और हस्ते हुए निकल पड़ता, बस एक आदत सी हो गयी जब भी मिलती मैं कह देता, वो भी हंस के टाल देती मेरे बातों को. पर एक दिन तो गजब हो गया, उनके हस्बैंड इल्ल्हाबाद गए थे क्यों की उनके माता जी का तबियत खराब था, रात के करीब ८ बजे मेरा दरवाजा खटखटाया, मैंने दरवाजा खोला तो देखा भाभी थी, वो बोल पड़ी रोहित चलो डेट पे, तो मैं उनको देखते ही रह गया, जीन्स और वाइट टी शर्ट डाली थी होठ लाल लाल लग रहे थे काजल और मस्कारा लगी हुयी थी, मैंने बोला ठीक है जी भगवान ने मेरी सुन ली, मैंने उनको कहा ठीक है, आप २० मिनट बैठिये मैं रेडी हो जाता हु.

मैंने मन ही मन कैसे खुश हुआ आपको कह नहीं सकते तैयार हो के हम दोनों निकल पड़े, वो अपनी कार ड्राइव कर रही थी, बोली कहा चलना है, फिर हम दोनों ने प्लान बनाया की सिटी पार्क होटल है वह डिनर करते है, हम दोनों होटल पहुंच कर खाना खाया, मैंने एक पग व्हिस्की आर्डर की और मैंने उनसे पूछा आप? तो वो बोली मैं वोडका ले लुंगी, फिर एक के बाद एक पेग लेते हुए करीब ३- ३ पेग हो गए, हम दोनों नशे में हो गए, मैंने पूछा भाभी आप कब से पिने लगे हो? तो वो बोली जब गम सताए तब पि लेना चाहिए, तो मैंने पूछा आपको और गम किस बात का? तो वो बोली क्या बताऊ मेरा वैवाहिक जीवन ठीक नहीं है, मेरे हस्बैंड को सेक्स ज्यादा पसंद नहीं है और मुझे बहुत ज्यादा, मैंने कहा तो कोई बात नहीं मैं आपकी मदद कर देता हु, तो वो बोली हां इसीलिए तो आज तुम्हारे साथ डेट पे आई हु, आज रात मुझे खुश कर दो.

फिर क्या था, हम दोनों खाने के टेबल से उठते ही वो मेरे बाँहों में बाहें दाल के और मैं उनके कमरे को पकड़ के चलने लगे, उनकी दोनों चूतड़ मटक मटक के मुझे तरशा रही थी, हम दोनों कार मैं बैठे वह पे अँधेरा था, मैंने उनके होठ को चूसने लगा, वो भी मेरा बाल पकड़ के अपने होठ को चुस्वाने लगी, फिर मैंने उनके गोल गोल चूचियों को दबाने लगा, वो मेरे होठ गाल कंधे को भी चूमने लगी, वो मुझे अपने बाहों में भर ली, वो बोली रहती आज मुझे खुश कर देना आज मैं नहीं रोकूंगी, जहा जहा मेरे शरीर में छेद है वाह वहा तुम अपने लंड को घुसाना. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है.

हम दोनों घर को चल दिए, रात की करीब ११ बज गए थे, वो बोली मेरे यहाँ ही चलो, मैं भी उनके घर चला दिया दरवाजा लॉक करके, सीधे उनके बैडरूम में गया, हम दोनों नशे में थे एक दूसरे को चूमते हुए बेड पे गिरे और एक एक कर के दोनों ने कपडे उतार दिए, वो काफी हेयरी थी, उनके कांख में बाल, चूत के पास बाल, मजा आ गया गोर गोर शरीर पे काले काले बाल, मुझे तो और भी कामुक बना दिया, मैंने उनके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया और पैर को अलग कर के उनके चूत को चाटने लगा, वो आअह आआह आआह उफ्फ्फ्फ़ रोहित उउफ्फ्फ्फ्फ़ क्या कर रहे हो? बोल रही थी और अपने दोनों हाथो से मेरे सर के बाल को पकड़ के चूत में दबा रही थी और कभी कभी चूत को झटके देके मेरे मुझ में मारने लगी,

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वो काफी सेक्सी हो गयी फिर हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए वो मेरे लंड चूस रही थी मैं उनके चूत को चाट रहा था, करीब ५ मिनट चूसने के बाद वो मुझे ऊपर आने को कहा और फिर उन्होंने अपने चूच को मेरे मुह में डाल दी और पिने को बोली मैं छोटे बच्चे की तरह उनके बूब को पिने लगा उनका निप्पल पिंक कलर का काफी कड़ा हो गया था, फिर वो मेरे लंड को पकड़ के बोली मेरा चूत बुला रहा है इसे, मैंने उनके चूत को हाथ लगाया तो काफी पानी पानी और चिकना हो गया था काफी फिसलन थी, मैंने चूत पे लंड लगाया और झटका दिया, भाभी बोल पड़ी ओह्ह्ह्ह्ह्ह कितना मोटा है, मेरा तो चूत फट जायेगा, और वो मुझे चूमने लगी और मैं झटके पे झटक देने लगा, मैं तो थोड़ा अनारी था मेरी पहली चुदाई थी पर वो अलग अलग पोज़ में मुझसे चुदवाने लगी,

मैं करीब १ घंटे तक चूत में चोदने के बाद फिर गांड मारनी सुरु की, गांड उनका काफी टाइट था, मैंने अपने लंड में उनके चूत का पानी से पूरा गिला किया और गांड में घुसाया वो चिल्ला रही थी, गांड फट जायेगा, गांड फट जायेगा पर मैं गांड में लंड घुसाये जा रहा था, ये सिलसिला सुबह के ६ बजे तक चलते रहा, जब दोनों झड़ जाये तो फिर आधे घटे तक बाते चिट करते और ड्राई फ्रूट कहते और फिर से तैयार हो जाते चुदने और चुदवाने के लिए, खूब मस्ती की आज मैंने. आपको ये कहानी कैसी लगी प्लीज कमेंट करें