छोटे भाई ने पति का सुख दिया और माँ बनने

मेरा नाम नीतू डुडेजा है, मैं पंजाब के भटिंडा की रहने बाली हु, मेरी शादी एक इन आर आई से हुई है, मैं पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की और फिर मेरी शादी हो गयी, मेरे पति ३ महीना तक इंडिया में रहे पर मैं कभी भी उन्होंने मुझे उतना सेक्स नहीं किया जितना की मुझे जरूरत थी, मैं हमेशा की प्यासी की प्यासी रही, मेरे पति का लंड छोटा और टेढ़ा था, वो मुझे कभी भी संतुष्ट नहीं कर पाये और वो फिर कनाडा चले गए मुझे तड़पता हुआ छोड़ कर, मैं करती भी क्या मैं उनके साथ अभी जा भी नहीं सकती क्यों की मेरे वीसा नहीं मिल पाया था,

दिन गुजरते गए मेरी जितनी भी दोस्त थी सबकी शादी हुयी और सबके बच्चे भी हुए पर मैं अभी भी उजाड़ खेत की तरह पड़ी थी, कभी मैं सोचती थी की मैं दूसरी शादी कर लू, पर मुझे समाज का डर था मैं ऐसा कर भी नहीं सकती थी, फिर एक मन्हूश दिन आया और मेरे माता पिता का देहांत हो गया एक एक्सीडेंट में, और उसके अगले महीने मैंने सुना की मेरा पति भी किसी गोरी लड़की से शादी कर लिया, अब मैं क्या करती,

फिर हम दोनों भाई बहन दिल्ली आ गए, मैं एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट की जॉब करने लगी और मेरा भाई ग्रेजुएशन करने लगा, हम दोनों एक किराये के मकान में रहने लगे, हमने अपने रिश्तों में काफी उतार चढ़ाव देखा था, मेरे माँ पापा और मेरा पति दोनों से मुझे ज़िंदगी का सुख नहीं मिल पाया अब सिर्फ भरोसा मेरे छोटे भाई पर ही था, हम दोनों की ज़िंदगी खूबसूरत तरीके से ही चलने लगी|

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एक दिन मैंने अपने भाई को मूठ मारते हुए देख ली, वो बाथरूम में अपना लंड पकड़ कर जोर जोर से हिला रहा था और कह रहा था आह दीदी आह दीदी मैंने समझ गयी की वो मेरे बारे में ही सोच कर मूठ मार रहा है, मैं सोचा मेरा भाई इतना परेशान है और मैं भी चुदाई के लिए तड़प रही हु, फिर मैंने एक प्लान बनाया भाई से चुदने के लिए, अक्सर हम दोनों रात को अलग अलग सोते थे, पर उस दिन मैंने डर का बहन बनाया मैंने अपने भाई को बोली की रात को तुम्हारे जीजा जी सपने में आये थे और मुझे खीच रहे थे मैंने काफी दरी हुयी हु, वो तो मर चुके है, कही कुछ अनहोनी ना हो मेरे साथ, तो मैंने उस दिन भाई के साथ ही सोने का प्लान बनाया.

रात को मैंने पारदर्शी कपडे पहनी, मुझे पता था भाई आज कल मेरे बारे ही सोच के मूठ मार रहा है, रात को तो नींद नहीं आ रही थी वेवजह आँख बंद कर के सोने का नाटक कर रही थी, शायद भाई ही नाटक ही कर रहा था फिर मैंने महसूस किया की मेरा भाई मेरे बूब को बार बार छूता और अलग हो जाता, फिर वो धीरे धीरे कर के हाट से दबाने लगा मैं तो चाह ही रही थी की वो चोद दे लेकिन कहती किस मुह से, मैंने अपने नाईटी का ऊपर का बटन खोल दी अब भाई कपडे के ऊपर से नहीं बल्कि वो मेरे बूब को अछि तरह से छू रहा था, धीरे धीरे वो मेरे निप्पल को दोनों उँगलियों से दबाने लगा मैं कामुक होने लगी.

मैंने अपने भाई के तरफ घूम के मैंने दाया पैर उसके ऊपर चढ़ा दी लंड मेरे जांघ के पास था, धीरे धीरे उसका लंड बड़ा हो गया मैंने उसके लंड को बड़ा होते महसूस कर रही थी, मैंने सोचा चल जो होगा देखा जायेगा, और उसके लंड को पकड़ ली, फिर मैंने उसके पजामा को निचे कर दिया और लंड को हिलाने लगी, मेरे भाई बी मेरे तरफ घूम गया और मेरे होठ को चूसने लगा, अब करती भी का हम दोनों ने एक दूसरे को बिना कुछ बोले मैंने उसके सारे कपडे उतार दिया उसने मेरा कपड़ा उतार दिया मैंने अपने भाई को अपने ऊपर चढ़ा ली और उसका लंड अपने छूट के ऊपर लगा के गांड को दबा दी लंड मेरे चूत के अंदर बिलबिलाते हुए चला गया फिर मैंने गांड उठा उठा के और भी जोर जोर से चोदने लगा, रात भर हम दोनों बिना एक दूसरे से कुछ बोले तीन से चार बार सेक्स सम्बन्ध बनाये.

सुबह हम दोनों एक दूसरे से बात चित नहीं कर रहे थे दोनों शर्म से सर झुकाये हुए थे, मैं सोची की चलो मैं ही बात करती हु, जैसे ही कमरे में गयी, देखा मेरा भाई इंटरनेट चला रहा है फिर उसने बोला दीदी बैठो मैंने उसके पास बैठी उसने वेबसाइट खोली और मुझे एक स्टोरी दिखाया
नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे जिसमे एक कहानी थी एक भाई बहन पति पत्नी के तरह रह रहे है और उनका एक बच्चा ही है और ज़िंदगी हसी ख़ुशी काट रहे है, मैं जब कहानी पढ़ी तो यकीं नहीं आया, हम दोनों ने सोचा की दिल्ली में हमदोनो कोई जानता भी नहीं है, हम दोनों अगर यहाँ पति पत्नी के तरह रहे तो क्या फर्क पड़ेगा, और उसी दिन से हम दोनों पति पत्नी के तरह रहने लगे,

हम दोनों ने पहली बार सेक्स पूरी प्लान के साथ किया, मैं दुल्हन की तरह सज धज के बैठी थी मेरा भाई कुरता पाजामा पहन के आया उसने मेरा घुघट उठाया, और बोला आज से तुम दीदी नहीं मेरी पत्नी हो, आज से हम दोनों पति पत्नी के तरह रहेंगे,
आज हम दोनों खुश है, आज मैं अपने छोटे भाई के बच्चे की माँ भी बनने बाली हु,