बेटा अब जवान हो गया 2

बेटा अब जवान हो गया 2 Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai उस रात बसंती सचमुछ आराम से सोई. लेकिन चांगका दिमाग माँ के बदन पर टिक गया था. वो आधी रात तक अपनी माँके बदन के बारे में सोचता रहा. वो अपनी माँ के बदन को और भी अधिक देखना चाहने लगा. उसने उठकर कमरे का लाईट जला दिया. उसकी माँ का गाउन बसंती के जांघ तक चढ़ चुका था. जिस से बसंती की गोरी चिकनी जांघ चांग को दिख रही थी. चांग ने गौर से बसंती की चूची की तरफ देखा. उसने देखा कि माँ की चूची का निपल भी साफ़ साफ़ पता चल रहा है. वो और भी अधिक पागल हो गया. उसका लंड अपनी माँ के बदन को देख कर खड़ा हो गया. वो बाथरूम जा कर वहां से अपनी सोईहुई माँ के बदन को देख देख कर मुठ मारने लगा. मुठ मारने पर उसे कुछ शान्ति मिली. और वापस कमरे में आ कर लाईट बंद कर के सो गया. सुबह उठा तो देखा माँ फिर से अपने पुराने कपडे पहन कर घर का काम कर रही है. लेकिन उसके दिमाग में बसंती का बदन अभी भी घूम रहा था.
उसने कहा – माँ, रात कैसी नींद आयी?
बसंती – बेटा, कल बहुत ही अच्छीनींद आयी. गाउन पहनने से काफी आराम मिला.
चांग – लेकिन, मैंने तो सिर्फ एक ही गाउन लाया. आगे रात को तूक्या पहनेगी?
बसंती – वही पहन लुंगी.
चांग – नहीं, एक और लेता आऊँगा. कम से कम दो तो होने ही चाहिए.
बसंती – ठीक है, जैसी तेरी मर्जी.
चांग शाम कारखाने से घर लौटतेसमय बाज़ार गया और जान बुझ कर झीनी कपड़ों वाली गाउन वो भी बिना बांह वाली खरीद कर लेता आया.
उसने शाम में अपनी माँ को वो गाउन दिया और कहा आज रात में सोते समय यही पहन लेना.
रात में सोते समय जब बसंती ने वो गाउन पहना तो उसके अन्दर सिवाय पेंटी के कुछ भी नही पहना. उसका सारा बदन उस पारदर्शी गाउन से दिख रहा था. यहाँ तक कि उसकी पेंटी भी स्पष्ट रूप से दिख रहे थे. उसकी गोरी चूची और निपल तो पूरा ही दिख रहा था. उस गाउन कोपहन कर वो चांग के सामने आयी. चांग अपनी माँ के बदन को एकटक देखता रहा.
बसंती- देख तो बेटा, कैसा है, मुझे लगता है कि कुछ पतला कपडाहै.
चांग – अरे माँ, आजकल यही फैशन है. तू आराम से पहन.
अचानक उसकी नजारा अपनी माँ के कांख के बालों पर चली गयी. कटी हुई बांह वाली गाउन से बसंती के बगल वाले बाल बाहर निकल गए थे.
चांग ने आश्चर्य से कहा – माँ , तू अपने कांख के बाल नही बनाती?
बसंती – नहीं बेटे, आज तक नहीं बनाया.
चांग – अरे माँ, आजकल ऐसे कोई नहीं रखता.
बसंती – मुझे तो बाल बनाना भी नही आता.
चांग – ला , मै बना देता हूँ.
बसंती आजकल चांग के किसी बात का विरोध नहीं करती थी. चांग ने अपना शेविग बॉक्स निकाला और रेजर निकाल कर ब्लेड लगा करतैयार किया. उसने माँ को कहा- अपने हाथ ऊपर कर. उसकी माँ ने अपनी हाथ को ऊपर किया और चांग ने अपनी माँ के कांख के बाल को साफ़ करने लगा. साफ़ करते समय वो जान बुझ कर काफी समय लगा रहा था. और हाथ से अपनी माँ के कांखको बार बार छूता था. इस बीच इसका लंड पानी पानी हो रहा था. वो तो अच्छा था कि उसने अन्दर अंडरवियर पहन रखा था. किसी तरहसे चांग ने कांपते हाथों से अपनी माँ के कांख के बाल साफ़ किये. बाल साफ़ करने के बाद बसंती तो सो गयी. मगर चांग को नींद ही नहीं आ रही थी. वो अपनीमाँ के बगले में लेटे हुए अँधेरे में अपने अंडरवियर को खोल कर अपने लंड से खेल रहा था.अचानक उसे कब नींद आ गयी. उसे ख़याल भी नहीं रहा और उसका अंडरवियर खुला हुआ ही रह गया. सुबह होने पर रोज़ कि तरह बसंती पहले उठी तो वो अपने बेटे को नंगा सोया हुआ देख कर चौक गयी. वो चांग के लंड को देखकर आश्चर्यचकित हो गयी. उसे पता नहीं था कि उसके बेटे का लंड अब जवान हो गया है और उस परबाल भी हो गए है. वो समझ गयी कि उसका बेटा अब जवान हो गया है. उसके लंड का साइज़ देख कर भी वो आश्चर्यचकित थी क्यों कि उसने आज तक अपने पति के लंड के सिवा कोई और जवान लंड नहीं देखा था. उसके पति का लंड इस सेछोटा ही था. हालांकि उसके मन में कोई बुरा ख़याल नही आया और सोचा कि शायद रात में गरमी के मारे इसने अंडरवियर खोल दिया होगा. वो अभी सोच ही रही थी कि अचानक चांग की आँख खुल गयी और उसने अपने आप को अपनी माँ के सामने नंगा पाया. वो थोडा शर्मिंदा हुआ लेकिन आराम से तौलिया को लपेटा और कहा – माँ, चाय बना दे न.
बसंती थोडा सा मुस्कुरा कर कहा – अभी बना देती हूँ.
चांग ने सोचा – चलो माँ कम से कम नाराज तो नहीं हुई.
लेकिन उसकी हिम्मत थोड़ी बढ़ गयी. अगली ही रात को चांग ने सोने के समय जान बुझ कर अपना अंडरवियर पूरी तरह खोल दिया और एक हाथ लंड पर रख सो गया. सुबह बसंती उठी तो देखती है किउसका बेटा लंड पर हाथ रख कर सोया हुआ है. उसने चांग को कुछ नही कहा और वो कमरे को साफ़ सुथरा करने लगी. उसने चांग के लिए चाय बनाई और चांग को जगाया. चांग उठा तो अपने आप को नंगा पाया ,.
चांग थोडा झिझकते हुए कहा – पता नहीं रात में अंडरवियर कैसे खुल गया था.
बसंती – तो क्या हुआ? यहाँ कौन दुसरा है? मै क्या तुझे नंगा नहीं देखी हूँ? माँ के सामने इतनी शर्म कैसी?
चांग – वो तो मेरे बचपन में ना देखी हो. अब बात दूसरी है.
बसंती – पहले और अब में क्या फर्क है ? यही ना अब थोडा बड़ा हो गया है और थोडा बाल हो गया है , और क्या? अब मेरा बेटा जवान हो गया है. लेकिन माँ के सामने शर्माने की जरुरत नहीं.
चांग समझ गया कि माँ को उसके नंगे सोने पर कोई आपत्ति नहीं है. अगले दिन रविवार है. शाम कोचांग ने आधा किलो मांस लाया औरमाँ ने उसे बनाया . दोनों ने हीबड़े ही प्रेम से मांस और भात खाया. बसंती अब पूरी तरह से चांग की अधीन हो चुकी थी.