नींद मे मा की चुदाई मा के साथ नाजायज़

Antarvasna Hindi Sex Stories Kamukta हेलो फ्रेंड सून कर आपको तोड़ा चक्कर आएगा की कोई मा को भी चोद्ता है क्या? पर ये बात सच है, हा मैने मा को छोड़ा पर मेरा कोई कसूर नही था, मैं नही चाहता था की मेरी मा मुझसे ही चुद जाए, लेकिन क्या करे होनी को कोई ताल सकता है क्या?

बात यूयेसेस समय की है जब मैं 18 साल का था और मेरी कोई भाई ओर बहन नही है मैं ही घर का एकलौता संतान हू, पापा मिलिट्री मे सूबेदार है, और मा हाउस वाइफ, मा बहूत ही मॉडर्न किस्म की औरत है उनकी आगे 38 साल की है, वो देल्ही के नामी कॉलेज से ग्रॅजुयेट है और मा का बॅकग्राउंड पापा से काफ़ी अच्छा है नौकरी की वजह से मेरी मा की शादी पापा के साथ हुई थी.

मा बहूत ही बोल्ड किस्म की औरत है उनका रहण सहन काफ़ी हाइ है, वो हरेक वीक मे बेअतुटी पार्लर जाती है उर हरेक महीने शॉपिंग करने के लिए जो भी नया ड्रेस होता है वो अपने लिए ख़रीदती है. इसलिया वो अपने आपको काफ़ी मेनटेन कर के रखती है.

अब मैं सीधी स्टोरी पे आता हू, पापा की पोस्टिंग नॉर्थ ईस्ट मे हो गयी थी हुमलोग अभी आगरा कंत्त मे ही थे, एक दिन हुंदोनो कंन्त राओद पे डिन्नर कर के आए और टीवी दोनो देख रहे थे यूयेसेस दिन 31स्ट्रीट जन्वरी था, टीवी का कार्याम करीब 1 बजे तक चला हुंदोनो 12 बजे एक दूसरे को हॅपी न्यू एअर विश किए पर कब नींद आ गयी पता ही नही चला था और दोनो एक ही बेड पे सो गये, अक्सर हुंदोनो एक बेड पे नही सोते है हुंदोनो का बेड अलग अलग है, पर यूयेसेस दिन दोनो को नींद आ गयी.

रात को जब नींद खुली तो मैं दर गया मैने नींद मे ही अपनी मा का नाइट को उपर कर के (नीचे से उपर) उनके बूब को पी रहा था दबा रहा था और किस कर रहा था मा की दोनो टाँग फैला रखा था और अपना लंड उनके बूर पर रग़ाद रहा था मैं मैं उनकी पनटी भी उत्तर दी थी ये बात मुझे भी नही पता था ये सब नींद मे ही हो गया, जब मुझे होश हुआ तो मैं अचानक अलग हो गया मैं बुरी तरीके से दर गया, मेरा लंड जो इतना टाइट था एकद्ूम से साला 3 इंच का हो गया लंड की ताक़त ही ख़तम हो गयी थी, फिर मैं पसीना पसीना हो गया, मेरा गला सुख रहा था.

तबी मा ने अपना हाथ मेरे सर पे फेरा और बोली कोई बात नही बेटा, डरो मत ऐसा हो जाता है जब दो जवान जिस्म मिलते है, कोई बात नही और वो मेरे होत को चूसने लगी मैं तोड़ा शांत रहा पर वो चूस्ते रही ऐसा लग रहा था वो काफ़ी हिट (कामोतेज्जक) हो चुकी थी, धीरे धीर वो अपना बूब मेरे सिने पे रख दी और मेरे बालों मे अपना उंगली फिरने लगी और किस करने लगी, उनकी लिपस्टिक की खुसबू . मदहोश कर रही थी और उनकी सनसे तेज हो चुकी थी, मैं उनके गरम गरम साँसे को महसूस कर रहा था फिर वो अपना एक हाट से मेरे जिस्म को सहलाते सहलाते मेरे लंड तक पहुच गयी और पकड़ ली, मेरा लंड जैसे ही उनके हाथ मे गया बड़ा होने लगा और 10 सेकेंड मे ही टाइट हो के करीब 7 इंच का हो गया मा और भी हिट हो गयी और उनकी साँसे और भी तेज तेज चलने लगी.

मा एक गहरी साँस लेके बोली बेटा कोई बात नही मेरे मा बेटा का रिश्ता है पर आज एक और रिश्ता बन जाने दो ये रिश्ता अंजना सा रहेगा और हम दोनो की भूख को शांत करता रहेगा क्यों की तुम्हारे पापा से मुझे कुच्छ भी नही होता है मुझे तो अब तुमसे ही आशा है घर के बाहर मैं क्यों मूह मरूं जब जवान बेटा घर पे हो तो. फिर मैने बोला “ई लोवे योउ किरण” हा बेटा रात को तुम किरण ही बोला कर “ई लोवे योउ टू”.

फिर मैने मा के बूब को दबाना शुरू कर दिया और और उनके होत को अपने डाट मे दबा दिया काबी जीव्ह उनके मूह मे डालता तो कभी वो अपनी जीभ को मेरे मूह मे डालती हम दोनो काफ़ी गरम हो चुके थे उनकी बगल (कांख) से मदहोश करने वाली खुश्बू आ रही थी मैने अपना हाथ उनके चूत (बूर) पे रखा ओह मयययययी गोदडड़ गरम हो चुका था और पानी पानी हो चुका था मई अपनी मा के उपर चढ़ गया और दोनो टाँगे फिलकर अपना लंड उनके चूत पे रखा और धक्का गया “उचह” मा बोली और पूरा लंड उनके चूत मे समा गया. मा चीख पड़ी बोली ये क्या किया मेरा बूर फॅट गया रीए, मररररर गइई, इतना मोटा लंबा लंड, कस के ठोको प्याससस्स बुझा दो, चोदो चोदो चोदो, कस के कस के, चूच दब्ाओ ना, मैं भी कस कस के धक्के मारना शुरू कर दिया, मा भी गंद यूटा यूटा के चुद्वा रही दोनो एक दूसरे को कस के पकड़े हुए थे और अपनी सेक्स की ज्वाला को शांत कर रहे थे. फिर मेरा माल निकालने के लिए तैयार था और मा भी पूरे शरीर को टाइट की और मुहह से अज़ीब से आवाज़ निकली और निढाल हो गयी मेरे लंड से भी सारा वीर्या उनके चूत मे चला गया और शांत हो गये.
अब तो हुंदोनो रोज चुदाई करते है रिश्ता ही अब चेंज हो गया है.