माँ बेटे की चुदाई की सच्ची कहानी

Antarvasna Hindi Sex Stories Kamukta हैलो यारो मेरा नाम निखील है मै अपनी पहली कहानी लिख रहा हूँ आशा करता हूँ की आपको अच्छा लगे चलिए मै अपनी कहानी पर आता हूँ मेरे घर मै 6 लोग है मेरे पापा की हैदराबाद मै जोब करते है हम लोग गाँव मै रहते थे मेरे पापा घर पर 1साल मै आते है

मेरी माँ 36 साल की है लेकिन जवान लगती उनका फिगर 38.26.39 है मेरी माँ बहुत सेकसी लगती मै अपनी माँ को पहले से चोदना चाहता था पर मोका नही मिलता था मेरे भाई बहन को अलग कर के मै माँ के पास सोता था गरमी का दिनों मै माँ के पास सोता था लेकिन माँ के जवान बदन देख कर रहा नही जा रहा था मैंने सोने का नाटक कर रहा था मैंने अपनी माँ के चूत पर हाथ रख दिया मेरे शरीर मै करैनट लगा फिर चूत को सहलाने लगा माँ इधर उधर करवट ले रही था अचानक माँ जग गई मै डर गया की कही माँ तो जान नही गई फिर मै सोने का नाटक करते लगा माँ को चुदाई हुए काफी समय हो गया था

माँ उठ कर अनदर जा कर मेरी माँ सुट सलवार उतार कर नगी हो गई फिर माँ ने नाइटी पहन कर फिर सोने आई माँ की बूर को चोदना था माँ सोई तो उनका नाइटी ऊपर चढ गया तो मै देखा की माँ सीरफ नाइटी पहनी थी

तो मै समझ गया की माँ को भी चोदवाना है फिर मैंने डरा नही और माँ के उपर चढ गया माँ के होट को चूसने लगा माँ मेरा 8ईच का लैंड पकड ली और सहलाने लगी मैने माँ का नाइटी उतार दिया माँ लंगी हो गई फिर मै अपना टाउजर उतार दिया माँ के बूर बहुत बाल था चूत को चाटने लगा माँ बोली बेटा तुम चुदाई करो मेरा मन शांत करो | मैंने माँ को कहा माँ आपको चुदाई के लिए तैयार कर रहा हूँ फिर माँ की चूत पर 8 का लंड रख कर धीरे धीरे धक्का देने लगा माँ की मुहँ से आहआह की अवाज निकल रही थी, मैं अपनी माँ के चूचियों को दबाते हुए, लंड को माँ के चूत में डाल रहा था, मेरा 8ईंच का लंड माँ की बूर मै घूस गया माँ कह रही है बेटे तेरा मै वाइफ हूँ चोदो मुझे चोदो माँ को फिर कुतीया बना कर गांड मै लंड डाल दिया,

माँ मुझे अपनी बाहों में जकड ली, और अपने पैरो से मुझे जकड़ ली, और निचे से गांड उठा उठा कर मेरा लंड अपने चूत में डलवाये जा रही थी, वो मुझे पागलों की तरह चूम रही थी, मैं भी उनकी चूचियों को मसल रहा था, फिर माँ बोली बेटा मुझे थोड़ा तुम अपना आइस क्रीम चखाओ, फिर मैंने अपना लंड माँ के मुह में डाल दिया, माँ मेरे लंड को चूसने लगी. मैं हौले हौले धक्के दे रहा था, मेरा लंड माँ के मुह में अंदर तक जा रहा था, फिर मैंने माँ के चूच के बिच में लंड को डाल कर दोनों चूचियों के बिच में लंड को घुसाने लगा. माँ पुरे सबाब पर थी, वो आह आह आह करह रही थी, और एक मुस्कुराती हुई कातिल निगाहों से मुझे देख रही थी, ऐसा लग रहा था की मेरी माँ बरसों से लंड की प्यासी हो.

मेरी माँ मुझे निचे लिटा दी और खुद मेरे ऊपर चढ़कर, मेरा लंड पकड़ कर चूत में डाल ली, और फिर जोर जोर से उछल उछल कर मेरे लंड को अपने चूत में ले रही थी, दोस्तों मेरा तो वीर्य निकलने बाला ही होने लगा था पर मैंने थोड़ा धीरज रखा, क्यों की मैं अपने माँ को संतुष्ट करना चाह रहा था, क्यों की मेरी ये पहली चुदाई थी माँ के साथ, फिर माँ को निचे लिटा दिया, और मैं फिर से उनके पेअर को अपने कंधे पर रखा और अपना लंड माँ के चूत में डालने लगा. वो आह आह करने लगी. मैं समझ गया उनकी अंगड़ाई को देख कर की वो खुश हो गई है और झड़ने बाली है. मैंने तुरंत ही फिर से जोर जोर से चोदने लगा.

माँ झडने वाली थी मै भी झडने वाला था मैंने कहा, माँ अब मेरा लंड से माल निकलने बाला है तो माँ ने कहा वीयॅ अंदर ही डाल दो फिर माँ को चूत चोद कर मै भी खुश माँ भी खुश माँ के चूत मे लंड डाल कर सो गया. सुबह के करीब चार बजे फिर उठा और फिर मैंने माँ के नाईटी को ऊपर किया और फिर से उनके चूत में पेलने लगा. माँ फिर से जग गई और फिर मेरे दोनों चूतड़ को अपने हाथ से पकड़ कर अपने चूत में जोर जोर से धक्के देने लगी.

करीब आधे घंटे तक चोदने का बाद फिर से हम दोनों झड़ गए, माँ बोली मेरा बच्चा, अब मेरा पति हो गया है, अब मुझे किसी बात का दुःख नहीं, और तुम्हे