या करें कि पार्टनर को यौन संतुष्टि मिले

सेक्स में संतुष्टि में परम आवश्यक है।
इसके बिना सुखद
Antarvasna Hindi Sex Stories रिश्तों की कल्पना नहीं की जा सकती है।
ऐसा माना जाता है कि ज्यादातर अवसरों पर महिलाएं सेक्सुअल प्लेजर से
वंचित रहती हैं। वे यौन सुख
को पाना चाहती हैं, लेकिन पुरुष
साथी उन्हें यह सब देने में समर्थ
नहीं होता है या फिर वह इस बात
की चिंता नहीं करता है । ऐसी स्थिति में हमें थोड़ी सी समझ और
नए तरीकों से सुख की खोज
करनी चाहिए ताकि यह सुख
एक तरफा नहीं रहे। क्या यह उचित है
कि पुरुष को संतुष्टि मिल जाए,
लेकिन महिला साथी अतृप्त रहे। ऐसी स्थिति के लिए जान लें कि सुख
का यही एक तरीका नहीं है वरन सुख
को पाने, यौन संबंध की अंतरंगता और चरम
सुख पाने के और भी तरीके हैं। बस जरूरत है
थोड़ी सी जानकारी की।

*क्या करें
कि पार्टनर को यौन संतुष्टि मिले…

इससे पहले कि आप सेक्स से चरम सुख
की उम्मीद में ही हॉट (गर्म) और
बोझिल होने लगें
आपको स्त्री की शारीरिक रचना से
परिचित होने की आवश्यकता है। यह
थोड़ी सी जानकारी आपके सुख को कई गुना बढ़ा सकती है भले ही इससे
महिला को चरम सुख (ऑरगैज्म)
की अनुभूति नहीं हो, लेकिन उसके
शरीर में ऐसे नाजुक और संवेदनशील अंग हैं
जिनकी आप मदद ले सकते हैं।
स्त्री का एक ऐसा ही अंग है भग शिश्न (क्लिटरिस) या भगनासा। यह भाग बहुत
ही संवेदनशील होता है और इसके अंत में
बहुत सारी नर्व्स (तंत्रिकाएं) के अंतिम
भाग होते हैं, जो छूने मात्र से उत्तेजित
हो जाती हैं, लेकिन यह संभव है कि अगर
आप इस हिस्से को ही उत्तेजित करते रहें तो एक महिला को चरम सुख
की अनुभूति हो सकती है।
इस भाग का शीर्ष में
उतनी ही तंत्रिकाओं का शिरा होता है,
जितना कि एक पुरुप के लिंग के सबसे
ऊपरी भाग में होती हैं। इसलिए महिला का क्लिटरिस(क्लिटरिस)और पुरुष के
लिंग का ऊपरी भाग बहुत ही संवेदनशील
होते हैं।

*कैसी होती है भगनासा(क्लिटरिस) की बनावट…
इसके साथ एक और विशेष बात है
कि ज्यादातर क्लिटरल नर्व्स के
सिरे ‍‍‍‍‍दिखाई नहीं देते हैं
इसका जो हहिस्सा दिखाई देता है वह
समुद्र के एक हिमखंड (आइसबर्ग)
जैसा होता है, जिसका मात्र दस फीसदी भाग दिखाई देता है और नब्बे
फीसदी भाग समुद्र की सतह के नीचे
रहता है।
इस हिस्से में 6000 से लेकर 8000 तक
सेंसरी नर्व (संवेदी तंत्रिकाएं) के सिरे
होते हैं, जो कि बिलकुल भी दिखाई नहीं देते हैं लेकिन यह हिस्सा बहुत-
सी महिलाओं के लिए अत्यधिक सुख
का स्रोत (सोर्स) बन सकता है।

*सेक्स में भगनासा(क्लिटरिस) की अहमियत..
गौरतलब है कि इस हिस्से की तुलना में
योनि की दीवारों में अपेक्षाकृत बहुत
कम तंत्रिकाओं के सिरे होते हैं और इस
कारण से इस हिस्से में सुख को अनुभव
करने की क्षमता भी कम होती है।
योनि का मात्र आखिरी तीस फीसदी भाग ऐसा होता है जो कि एक
लिंग, अंगुली, सेक्स टॉय (खिलौने)
या अन्य किसी प्रवेश होने लायक वस्तु
से उत्तेजना का अनुभव करता है।
इस स्थिति से अत्यंत गहन यौन
उत्तेजना, सुख या केवल योनि में घर्षण से ही पैदा नहीं होती है। इस काम के लिए
क्लिटरिस पूरी तरह से परिपूर्ण
होता है। जबकि वास्तव में यह एक
ऐसा अछूता क्षेत्र होता है
क्योंकि सहवास (इंटरकोर्स) के दौरान
यह हिस्सा लिंग के सम्पर्क में ही नहीं आता है।

*चरम सुख से क्या संबंध है भगनासा(क्लिटरिस) का..

अब आप और आपके साथी के सामने
चुनौती यह है कि आप इस अंग
का पता लगाएं और इसकी पूरी सामर्थ्य
का इस्तेमाल करें। आमतौर पर
कहा जा सकता है कि सहवास के दौरान
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्लिटरिस का छू जाना या इसका दब
जाना, महिला की चरम सुख का अनुभव
करने की संभावना को बढ़ा देता है।
लेकिन, इसके उपयोग के बिना यौन सुख
की इच्छा करना ठीक इसी तरह से है
कि आप लिफ्ट में चढ़ जाए, लेकिन कहीं जाने के लिए कोई बटन न दबाएं।
इसलिए हम आपको ऐसे कुछ टिप्स देते हैं
जो कि आपके यौन सुख के अनुभव
को और गहरा और सुखद अनुभव बना सकते
हैं।
.

*क्या कहें अपने पार्टनर से, ताकि मिले चरम सुख…
इसके लिए सबसे पहली बात यह है
कि आप अपने सेक्स पार्टनर से कहें
कि वह सेक्स से पहले, इसके दौरान
या सेक्स के बाद आपकी क्लिटरिस(क्लिटरिस)
को अपनी अंगुलियों से छुए, उसे सहलाए,
धीरे-धीरे मालिश करे और इसे दबाए। आमतौर पर पुरुषों को पता नहीं होता है
कि महिला का कौनसा हिस्सा दबाने पर
बहुत सुख मिलता है, इसलिए आप
अपने हाथ से
उसकी अंगुलियों को रखकर, उस पर
अपना हाथ रखकर दबाकर बताएं कि किस हिस्से के अधिक सक्रिय
होने से आपको सबसे ज्यादा मजा आता है।
साथ ही, यह भी बताएं कि किस हिस्से
पर ज्यादा दबाव या घर्षण आपको सुख से
पागल बना देता है। इसके लिए आप सेक्स
के दौरान अपनी अंगुलियों का भी इस्तेमाल कर
सकती हैं।और भी कामुक कहानियां के लिए यहाँ क्लिक करें

*फोरप्ले के दौरान यह भी पता लगाएं…
फोरप्ले के दौरान इसी बात का पता लगाएं।
कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आप
जल्द ही सहवास (इंटरकोर्स) के लिए
तैयार हो जाएं, लेकिन कई अवसरों पर
ऐसा भी होता है कि आप चाहें
कि आपका पार्टनर अपने हाथों, मुंह या लिंग से योनि मुख और क्लिटरिस
को छुए, चूमे या दबाए अथवा इन
अंगों को चाटें।
बहुत सारी महिलाओं के लिए ऑरल सेक्स
बहुत सुखद होता है
क्योंकि इसका सीधा फोकस क्लिटरिस पर होता है। महिलाएं ओरल
सेक्स के जरिए बहुत ही गहन ऑरगैज्म
का अनुभव करती हैं।
योनि में घर्षण रोकने के लिए कुछेक बूंदें
चिकना बनाने वाले पदार्थ के डालें
क्योंकि इससे आप सहवास के लिए और अधिक तैयार महसूस करेंगी। याद रखिए
कि जब तक योनि में चिकनापन
नहीं होगा तब तक आपको अच्छी तरह से
मजा नहीं आएगा।
क्लिटरिस को और अधिक उत्तेजित
करने के लिए विभिन्न तरह की सेक्स पोजीशन्स को आजमाएं। उल्लेखनीय है
कि मिशनरी पोजीशन (सेक्स करते
समय आपकी पार्टनर नीचे हो और आप
ऊपर हों की स्थिति) की तुलना में
महिला को ऊपर रहने दें। पुरुष के ऊपर आने
के बाद आप उत्तेजना, गति और इसमें विविधता लाने पर
नियंत्रण कर सकती हैं। आप अपने
नितम्बों को सक्रिय बनाते हुए
साथी की प्यूबिक बोन
(जांघों की हड्डी) तक ले जाएं या फिर
साथी को कहें कि वह अपने नितम्बों को ऐसी पोजीशन में रखे
कि आप उसकी जांघों की हड्डियों तक
पहुंच जाएं।

*कुछ नया करने की कोशिश करें….
आपका पार्टनर पीछे से भी लिंग
को योनि मे प्रवेश करा सकता है और
घूमकर आपके क्लिटरिस
को भी सहला सकता है। अगर
आपको योनि में लिंग का गहरे तक
पहुंचना पसंद है और आप चाहती हैं कि गर्भाशय ग्रीवा पर भी दबाव पड़े
तो आपको ऐसी पोजीशनों को चुनना
चाहिए, जिससे
ऐसा करना अधिकाधिक संभव हो।
रचनात्मक बनें, कुछ निश्चित सेक्स
पोजीशन्स आपको दूसरों की तुलना में अधिक आकर्षक और उत्तेजित करने
वाली सिद्ध हो सकती हैं तो संभव
हो तो जब भी आप सेक्स करें, एक नई
पोजीशन को आजमाने की कोशिश करें।

*यह भी तो कर सकते हैं आप…
सेक्स के इस खेल में आप सेक्स टॉयज
को भी शामिल करें। कुछ महिलाओं
को बाइव्रेटर अकेले ही या साथी के साथ
उपयोग करना अच्छा लगता है, तब आप
इसकी मदद से क्लिटरिस
को उत्तेजित करने के लिए इसकी मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही सेक्स से संबंधित
साहित्य
भी पढ़ें ताकि इस बारे में
आपकी जानकारी भी अच्छी होती जाए।
इन बातों के साथ इस बात को भी ध्यान रखें
जब तक अपनी सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान आप और आपकी पार्टनर संतुष्ट
रहती है तब आपको अन्य बातों जैसे
योनि में उत्तेजना का ना होना या फिर
सुख पाने के लिए अधिक दबाव में
होना या फिर इंटरकोर्स के दौरान
ऑरगैज्म को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है।
* उत्तेजना के बारे में अपने पार्टनर
को बताएं…
इसकी बजाय आपको सोचना चाहिए
कि सेक्स का इस्तेमाल आप ऐसे मौके के
तौर पर करें जिसके दौरान आप अपने और
अपने साथी के शरीर के बारे में बेहतर ढंग से
जानें, खुद प्रयोग कर अपने
शरीरों को जानने में दिलचस्पी दिखाएं। इसके अलावा आप अपने साथी को बोलकर
भी बता सकते हैं कि क्या, कौन सी बात
आपको सबसे ज्यादा उत्तेजित करती है।
इन
सारी बातों को आपको आत्मविश्वास
रखना होगा कि आपका शरीर परिपूर्ण है, अपने निजी अनुभवों को अपने
शरीरों का जवाब मानना होगा और एक दूसरे
की चिंता करने वाले
साथियों की तरह से
अपनी जानकारी को साझा करना होगा और
बहुत सारी बातों को लेकर अपनी हंसने की क्षमता भी दिखानी होगी। तब आप
इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे
कि इसके परिणाम कितने अच्छे
हो सकते हैं।