क्या मैं अपनी बेटी की ज़िंदगी उजाड़

मैं नीतू डोगरा, दिल्ली की रहने बाली हु, मैं चालीस साल की हु, Antarvasna Hindi Sex Stories मेरी एक बेटी है संध्या डोगरा, वो बीस साल की है, उसकी शादी को अभी ६ मैंने ही हुए है, मैं पहले आपको अपने बारे में बताती हु, मैंने अपने पति से तलाक ले लिया है, क्यों की वो किसी और औरत के साथ उसके सम्बन्ध थे, मेरा अपना फ्लैट है दिल्ली में, मैं एक मीडिया हाउस में जॉब भी करती हु, और मेरी बेटी मॉडलिंग करती है, शादी भी उसने अपने ही बॉस से की है, एकलौता बेटा है, उसके माँ और पापा दोनों बंगलुरु में रहते है.

मैं अपने सम्बन्ध की पूरी बात बताती हु, ये कहा से शुरू हुआ और अभी तक क्या क्या हुआ है, आशा करती हु की आप मुझे सही राय देंगे, मैं ये हिम्मत कर पाई हु, कुछ नॉनवेज स्टोरी पे कहानिया पढ़कर, पहले तो मुझे लगा की मैं कुछ गलत काम कर रही हु, फिर जब मैंने सब कुछ इंटरनेट पे सर्च की तो नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के कई सारे कहानी ऐसे भी आये जिसमे ऐसे सम्बन्धो का जिक्र था, तो मैंने भी सोचा क्यों ना अपने दिल की भार को थोड़ा हल्का करूँ अपनी कहानी बताकर.

जैसा की आपको पता है की मेरी बेटी मॉडलिंग करती है, मॉडल तो वही होता है वो देखने में काफी सुन्दर हो, शरीर अच्छा हो, फिगर मेंटेन हो, जब किसी लड़की को ऐसा होगा तो आपको पता ही है लड़के मरते है, आज कल तो लड़के तो सुन्दर लड़कियां चाहिए, और प्यार व्यार तो कइयों से होता है, ये नया ज़माना है, हाथ पकडे नहीं की हाथ तुरंत ही ब्रा या पेंटी के अंदर चला जाता है, क्यों? सही कह रही हु ना? आपने भी कइयों से यही किया होगा, ज़रा सा बात हुई की होठ पे किश कर लिया या तो चूच दबा दी, और थोड़ा मौक़ा मिला तो पेंटी में हाथ डाल के चूत का माप ले लिया, की झांट है की नहीं, गीली हुई की नहीं…….. है ना सही बात.

तो ऐसा ही हुआ जब संध्या का बर्थडे था, पहले तो वो लोग बाहर ही बर्थडे मना के आये, मुझे ले नहीं गए, मुझे भी लगा की चलो दोस्तों के साथ ही मनाने देते है, फिर जब वापस रात को करीब १० बजे आई तो उसका बॉयफ्रेंड भी उसके साथ था, फिर रात काफी हो गई थी, तो मैंने अपने बेटी के बॉयफ्रेंड को कह दी बेटा कल तो संडे है, आज रात यही रूक जाओ, और ना ना करते करते और मेरी बेटी की जिद के चलते वो रूक गया, मेरा कमरा अलग है बेटी का कमरा अलग है उसके बाद, एक गेस्ट रूम है वही पे उसको कह दिया गया रहने के लिए, पर वो वह कहा रहेगा, देर रात तक खुसुर फुसुर करता रहा, मेरी नींद लग गई, जब उठी वो भी एक चीख पे वो चीख संध्या की थी,

आआअह आआआह आआआह खून निकल रहा है, आआआह आआआअह आआआअह मर गई, मैंने दौड़कर झांककर देखि तो संध्या के कमरे में रोहित था, संध्या निचे थी और रोहित अपना मोटा लंड संध्या के चूत में डाल रखा और और चूचियों को सहला रहा था, अब मैं क्या करती, चुपचाप रही, संध्या बोल रही थी, तुमने जोर से धक्का दे दिया मेरी चूत फट गई, फिर वो धीरे धीरे से चोदने और चुदवाने लगे, मैं काफी देर तर देखि, और मैं वापस अपने बेड पे आ गई, गीली चूत लेकर, करीब पूरी रात मेरी कानो में, चुदाई की बात गूँज रही थी, मैं काफी परेशान थी, की संध्या ने शादी के पहले सेक्स क्यों किया, सुबह हुई मैंने दोनों के लिए नाश्ता बनाई, और फिर मैंने दोनों को ड्राइंग रूम में बुलाकर बोली, की तुमलोग रात को हद से ज्यादा बढ़ गए हो, अब क्या होगा, रोहित तुम्हे पता है, मैं अकेली औरत हु, अगर एक बार बदनामी हो गई तो मैं कही की नहीं रहूंगी, और रोने लगी, तो रोहित आया और मुझे गले से लगा लिया, और बोला माँ जी आप चिंता क्यों करती हो, मैं संध्या से शादी के लिए तैयार हु,

सच पूछिये तो मेरे ख़ुशी का ठिकाना ना रहा, मैंने रोहित को धन्यवाद बोली माथे पे चुमी, और मैंने कहा बेटा तू मेरी इज्जत रख ले, और लड़का अच्छा निकला, पंद्रह दिन के अंदर ही कोट मैरिज हो गया, रोहित मेरे घर पे रहने लगा, मेरा अपना मकान है, और रहने बाले कोई नहीं, रोहित और संध्या दोनों हनीमून के लिए गोवा गए, चार दिन के लिए, मैं इन चार दिन में उस रात की सारी बातों को दुहराते रही, क्यों की रोहित का गठीला बदन और मोटा लंड मुझे काफी आकर्षित कर दिया था, मैं अब बार बार उसकी के बारे में सोचने लगी, फिर क्या बताऊँ दोस्तों, एक बार एक फैशन शो में संध्या को शहर से बाहर जाना पड़ा, और रोहित को बुखार लगा था, संध्या सुबह से चली गई, दोपहर को डॉक्टर को दिखवाकर लाइ, शाम होते होते रोहित का बुखार उत्तर गया,

मैं शाम को अपने बैडरूम में कपडे चेंज कर रही थी, और दरवाजा खुला था, रोहित कब आ गया पता ही नहीं चला, उस समय मैं नंगी थी, बाल में मेरे ब्रा का हुक उलझ जाने की वजह से मैं निकाल रही थी, रोहित जैसे ही मुझे देखा वो खड़ा का खड़ा ही रह गया, पर मैंने जल्दी जल्दी करने लगी और भी ज्यादा मेरा बाल उलझ गया, मैं आउच की तो रोहित तुरंत मेरे पास आकर, मेरा ब्रा मेरे बाल से निकाल दिया, पर वो मेरे सामने ही खड़ा मेरे बदन को निहार रहा था, मैं जैसे ही उससे नजर मिलाई, आँख निचे हुई ही नहीं, क्यों की वो खुद ही तौलिया पहन कर था, और हम दोनों एक दूसरे को कब गले लगा लिए पता ही नहीं चला, मेरे होठ रोहित के होठ को छूने लगे, और रोहित का हाथ मेरी चूचियों को मसलने लगा,

फिर क्या था बेड पे हम दोनों कभी इसके ऊपर कभी वो मेरे ऊपर, फिर मैं अपनी पैर फैला दी और वो मेरे चूत में लंड डाल दिया, मैं बहुत दिनों से लंड की प्यासी थी, मैंने खूब चुदवाई, और वो भी कामसूत्र के सारे पोज़ का इस्तेमाल कर दिया, उसके बाद तो दोस्तों आज ४ महीने हो गया है, संध्या तो मॉडलिंग कर रही है, पर मैं रोहित के बच्चे की माँ बनने बाली हु, वो भी साढ़े तीन महीना का, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. अब मैं इसका सलूशन धुंध रही हु, की क्या करूँ, अगर ये बात मेरी बेटी को पता चलेगा तो क्या होगा, अब रोहित संध्या से ज्यादा मुझमे ही इंटरेस्ट ले रहा है, वो कहता है की आप मेरे बच्चे को जन्म दो, मैं संध्या को मना लूंगा, पर मैं सोचती हु की कही मैं संध्या की ज़िंदगी बर्वाद तो नहीं कर रही हु, प्लीज मुझे बताये,