गे सेक्स कहानी : मेरा पहला प्यार

Antarvasna Hindi Sex Stories बात उन दीनो की हे जब २१ साल का था, मेरे पड़ोस मे एक लड़का रहता था जिसका नाम राज था जो बहुत ही खूबसूरत, चिकना गरवाली लड़का था, उसका मेरे घर और मेरा उसके घर बहुत आना जाना था, बल्कि आज भी वो मेरा बेस्ट फ्रेंड हे, हुमारी दोस्ती की शुरुआत भी एक अजीब कहानी हे, वो हुमारे पड़ोस मे नये नये रहने आए थे, एक दिन स्कूल से बंक मार कर दोस्तों के साथ वो सिग्रते पिता पकड़ा गया, पोलीस वाला उसे सिग्रते के साथ गहर पर छोड़ गया था, और हुमारी स्ट्रीट मे उसकी बहुत बेइज़्ज़ती करके गया था, उसकी मम्मी ने ऑफीस से आकर उसकी बहुत पिटाई की थी, मैं जब शाम को कॉलेज से आया तो मैने ही उसे और पीटने से बचाया और अपने साथ पार्क मे ले गया, जहाँ मैने उसे खूब समझाया और आख़िर मे उसे अपने साथ एक सिग्रते भी पिलाई, वो सोचता था की भैया सिग्रते नहीं पीते, लेकिन मैं कभी कभी पी लेता था, उस शाम वो बहुत रोया, मैने उसे समझाया जब मेरी उमर का हो जाए तब इन चीज़ों के बारे मे सोचे अभी ये सब करना ठीक नहीं , और बड़े तो हुमारी भलाई के लिए ही ह्यूम मरते हैं, अभी तुम सिर्फ़ अपनी पड़ाहाई पर ध्यान दो, इन फॅक्ट उसे प्यार से समझाने वाला उसके घर पर कोई नहीं था, वो अपनी मदर के साथ अकेला देल्ही मे रह रहा था, उस दिन के बाद से वो मेरे साथ ज़्यादा रहने लगा, अपनी स्टडी प्राब्लम लेकर भी मेरे पास आने लगा, मैने उसमे एक बात नोट की थी की वो कुछ संकोची सवभाव का था मेरा मतलब कुछ शर्मिला सा था, लेकिन मैने सोचा शायद गरवाल से नया नया आया हे इसी लिए ऐसा हे.

इस बात के दो महीने बाद …. हुमारे घर मे शादी थी, मेरे बड़े भैया भाभी जो की अलग घर मे रहते थे वो भी आए हुए थे, भैया ने आते ही मुझे ऑर्डर दिया की रात मे मैं उनके घर पे जाकर सोया करूँ, क्योंकि आज कल चोरी बहुत हो रही हे, मुझे भैया के घर पर अकेले जाकर सोना बड़ा बुरा लगता था, फिर भी मैं कुछ बोला नहीं, तभी मम्मी ने कहा की राज को साथ ले जया कर 5,6 दिन की तो बात हे और उसकी तो गर्मियों की चुट्टिया (सम्मर वाकेशन) चल रही हे, दोनो दोस्त चले जाना मैं अभी उसकी मम्मी से कहे देती हूँ. मैने सोचा इससे अक्चा क्या होगा एक से दो भले हो जाएँग. शाम को भैया के दोस्तों को आना था, भैया शादी से पहले अपने दोस्तों को ड्रिंक पार्टी दे रहे थे, इस लिए बड़े भैया ने मुझे वहाँ से जल्दी जाने के लिए कह दिया, रात 8.00 बजे मैं और राज दोनो भैया के घर के लिए निकल पड़े. थोड़ी देर मे ही हम लोग भैया के घर पे थे, वहाँ जाकर हम केबल पर पिक्चर देखने लगे मैं शादी की भाग दौड़ की वजह से काफ़ी थकान महसूस कर रहा था, घर मे सबसे छोटा होने की वजह से सारे भाग दौड़ वाले काम मुझसे ही करवाते थे.

पिक्चर देखते देखते ना जाने कब मुझे नींद आ गई, मेरी नींद उस समय टूटी जब मुझे इस बात का अहसास हुआ की कोई मेरे लंड को पकड़ रहा हे, मेरी आँख कल गई, कमरे मे अंधेरा था , मुझे समझते देर नहीं लगी की राज ने मेरे लंड को पकड़ा हे और शायद उसे मापने (मेषर्मेंट ) की कोशिश कर रहा हे, मैं चुप छाप बिना कोई हरकत करे उसकी शरारत का मज़ा ले रहा था, उसे इस बात का बिल्कुल भी अहसास नहीं था की मैं जाग गया हूँ, मेरा लंड एक अजीब सी गुड-गुड़ाहट से खड़ा होने लगा था और बस थोड़ी ही देर मे पूरी तरह कड़क हो गया, राज के सॉफ्ट हांत का अहसास बहुत अक्चा लग रहा था, क्योंकि पहले कभी किसी ने मेरे लंड को इस तरह पकड़ा नहीं था. मेरे अंदर एक सेक्स की भावना सी जागृत होने लगी थी, राज बड़े प्यार से लंड को पयज़ामे के उपर से सहला रहा था कभी लंड के सुपरे को छूटा तो कभी टट्टो छूटा, थोड़ी देर ऐसा करने के बाद उसकी हिम्मत और बदगाई और उसने अपना हांत धीरे धीरे पयज़ामे के अंदर डाल दिया.

और मेरे लंड दो अपने चिकने मुलायम हांत से पकड़ने चुने लगा. तभी मेरे अंदर का सेक्स हरकत मे आगेया, और मैने उसका हांत लंड के उपर ही पकड़ लिया वो एकद्ूम शिथिल (बेजान) सा पद गया, मैने अपना पयज़ामा खोल दिया और लंड को उसके हांत मे सही से थमा दिया, वो अब कोई हरकत नहीं कर रहा था, बस मेरे लंड को पकड़े हुए था, मैने उसे बेतहाशा किस किया जैसे वो कोई लड़की हो, फिर मैने उसकी निक्कर उतार दी उसकी लुल्ली भी खड़ी हो रखी थी, फिर मैने उसे उठ कर बैठने को कहा, वो भी आदर्श बाकछे की तरह कहना मान गया, मैने उसकी त-शर्ट भी उतार दी, अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगा था, मैने लाइट का स्विच ओं कर दिया तो वो लड़कियों की तरह अपने आप को ढकने की कोशिश करने लगा, तब मैने कहा की वो शरमाये ना मैं उसको देखना चाहता , तो वो बोला की उसे शरम आ रही हे, तब मैने झट से अपने कपड़े उतार कर एक तरफ कर दिए और बोला की देखो अब मैं भी तुम्हारी तरह हो गया हूँ, मेरे उपर अचानक सेक्स की हैवानियत सवार हो गई थी, मैने उसको अपने उपर खींच लिया उसकी लुल्ली एकद्ूम सखत हो रखी थी मैने उससे पूछा जैसा तुमने मेरे साथ किया ऐसा क्या तुम पहले भी किसी के साथ कर चुके हो क्या?

वो बोला नहीं लेकिन मेरे दुबारा पूछने पर वो बोला की, उसके चचेरे भाई ने एकबार गाओं मे उसके साथ ऐसा किया था मैने उससे पूछा की उसके चचेरे भाई की उमर क्या हे तो वो बोला की वो भी उसके बराबर का ही हे, मैने उससे जिगयसवाश पूछा की तुम डॉन वन क्या क्या किया तो वो शर्मा गया, मैने उसकी लुल्ली को पकड़ लिया और जैसे मूठ मरते हैं वैसे आयेज पीछे करने लगा, उसने आँखे बंद कर ली और शरीर को ढीला छोड़ दिया, लंड के साइड मे हल्क भूरे भूरे बाल थे, उसके सर के बाल और आँखो का कलर भी भूरा ही था, ट्यूब लाइट की रोशनी मे उसका चिकना सुडोल शरीर बहुत खूबसूरत लग रहा था, मैने अपने दोस्तों से सुन रखा था की लड़कियों को लंड चूसने मे बहुत मज़ा आता हे, इस समय तो मुझे राज किसी कमसिन लड़की से कम नहीं लग्रहा था, मैने उसे लंड चूसने को कहा तो उसने माना कर दिया, मैने अपना लंड उसके होंठो से लगा दिया तो उसने लंड मुँह मे ले लिया मुझे बहुत अक्चा लगने लगा, मैने उसके मुँह को छोड़ना शुरू कर दिया था, वो भी मेरे लंड को बाकचों की तरह चूस रहा था, थोड़ी देर चूसने के बाद उसने लंड को बाहर निकाल दिया और दूसरी तरफ खिसक गया, उसने अभी भी अपनी आँखे बंद कर रखी थी और अपनी लुल्ली पकड़ रखी थी, अब मेरी हवस और बढ़ने लगी थी मैने वो काम आज करने की तान ली थी जो काम आज तक मैने सोचा भी नहीं था मैने राज को बिस्तर पे उल्टा कर दिया और उसके उपर चाड गया , मेरा लंड उसकी गांद पर था, मैने लंड को उसकी गांद मे डालना चाहा लेकिन सफलता नहीं मिली, मैने सुन रखा था की आयिल या क्रीम लगाने से लंड छूट मे आसानी से चला जाता हे तो मैने सोचा की गांद मे भी उसी फार्मूले का पर्योग किया जाए और मैने पलंग के सिरहाने रखी नविया क्रीम की डिब्बी मे से क्रीम निकाल कर अपने लंड पर मूठ मरने वाली स्टाइल मे लगा ली, और राज की चूतड़ मे अपना 6.5″लंबा और मोटा लंड गूसने के लिए भिड़ा दिया, राज ने पलटना चाहा तो मैने उसे कस कर पकड़ लिया और अपना लंड उसकी गांद के छेड़ पर टीका कर ज़ोरदार धक्का दिया जो शायद मुझे नहीं देना चाहिए था, वो बुरी तरह छत पता गया, मेरा लंड का सुपरा अंदर घुस चुका था, राज इधर उधर छत पता रहा था , ये सब मेरी वजह से हुआ था क्योंकि मैं भी नया खिलाड़ी था, मैने राज को अपनी पकड़ से छूटने नहीं दिया और अपना दबाव उसपर बनाए रक्खा नीतीजा ये हुआ की लंड धीरे धीरे पूरा उंड़र समा गया.

राज सी..सी.. की आवाज़ करने लगा वो मुझे कहने लगा की भैया बाहर निकालो ….प्लीज़…. भैया.. बाहर निकालूऊ… बहुत दर्द हो रहा हे , उसकी गांद के उंड़र बहुत गर्मी थी, मैने लंड को धीरे धीरे अंदर बहरा कर्मा शुरू किया … थोड़ी देर मे राज का शरीर तोड़ा ढीला पड़ने लगा, मुझे उसकी गांद मरने मैं बहुत मज़ा आ रहा था, मुश्किल से 10 मिनिट और मैं उसको रगड़ता रहा उसके बाद मेरा माल उसकी गांद मे झड़ने लगा, ऐसे करते समय राज मेरे लंड को गांद मे भींचने लगा था, मैं उसी के उपर ढेर हो गया और उसे किस करने लगा, ….. थोड़ी देर मे मैं उठा और बातरूम मे चला गया……. इसके बाद मेरे पास 4 रतायं और थी जिनका एक्सपीरियेन्स मैं आपको अगली कहानी मे लिखूंगा जिसकी वजह से आज जब की मैं 22 साल का हो चुका हूँ लेकिन जब भी कोई क्यूट, सेक्सी, टीन देखता हूँ तो मेरा दिल दोल उठता हे